हमारी वेबसाइट “Science ka Mahakumbh” में आपका स्वागत है। यहां पर शुभम मलखान की कविता प्रकाशित किया जाएगा। आप सभी इसका आनंद लीजियेगा।
SHUBHAM MALKHAN KI KAVITA

पिता का साया सिर पर नहीं, फिर भी उनका एहसास है,
उनकी यादों के सहारे ही, आज भी मेरा विश्वास है।
जब भी मुश्किल राह मिली, मन थोड़ा घबराया,
पिता की याद ने चुपके से, फिर हौसला बढ़ाया।
काश वो होते पास मेरे, तो कुछ बातें कह पाता,
दिल में छुपे हर दर्द को, उनके आगे रख पाता।
उनकी कमी तो हर पल है, ये दिल ही जानता है,
बिन कहे भी एक बेटा, पिता को पहचानता है।
मैं गिरूँ अगर तो उठना है, यही सीख उनकी मानूँगा,
उनके अधूरे सपनों को, अपनी मेहनत से सजाऊँगा।
एक दिन ऐसा भी आएगा, जब मेरा नाम होगा,
पिता जहाँ भी होंगे मेरे, चेहरे पर उनके अभिमान होगा।
SHUBHAM apni life se sambandhit poem likhe hain
Father: mr. Malkhan
Mother: mrs. Neelam
Address: sadarpur saraimir azamgarh
Education: graduation B.Sc. biology, botany , in Maharaja suhel deo university azamgarh
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