हिंदी भारत माता की बिंदी (कविता) - BABITA PATEL

हिंदी भारत माता की बिंदी (कविता) – BABITA PATEL

हमारी वेबसाइट “Science ka Mahakumbh” में आपका स्वागत है। यहां पर बबीता पटेल जी की कविता, कहानी प्रकाशित किया जाएगा। आप सभी इसका आनंद लीजियेगा।

हिंदी भारत माता की बिंदी (कविता)

इनका नाम बबीता पटेल है। ये रायगढ़ छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। इनके पिता श्री परमानंद पटेल और माता श्रीमती मोंगरा पटेल हैं। इनके प्रेरणा इनके माता पिता,सभी गुरु जन व इनके सभी चाचा (पिता जी के छोटे भाई) हैं। विशेषकर ये खीरसागर पटेल,जीवन पटेल व शिवराज पटेल जी से प्रेरित हुई है । यह भी कक्षा नौवीं की विद्यार्थी है। ये वर्तमान में शासकीय हाई स्कूल तेलीपाली में शिक्षा ग्रहण कर रही है । ये स्वतंत्र लेखिका हैं। इनको कविता, शायरी, लेख आदि लिखना पसंद हैं इनकी रचनाएँ संस्कार न्यूज़ में प्रकाशित होती रहती हैं। इन्होंने लिखना 18-07-2021 से प्रारंभ किया है। इन्होंने सबसे पहले मेरे पापा नामक कविता लिखी । उसके पश्चात एक स्त्री क्या चाहती है ,बचपन की यादें, आदि 30+ कविताएं लिख चुकी हैं। 2022 में इनकी solo-book “मेरी कलम मेरे मन की आवाज” भी प्रकाशित हो चुकी है ।

BABITA PATEL TELEGRAM GROUP LINK CLICK HERE
हिंदी भारत माता की बिंदी (कविता) - BABITA PATEL
हिंदी भारत माता की बिंदी (कविता) – BABITA PATEL

हिंदी मेरी भारत माता की बिंदी है
सभी भाषाओं में प्यारी मेरी हिंदी है
जिस तरह मां के माथे को बिंदी सजाती है
उसी तरह मेरी हिंदी भाषाओं के मध्य अलग ही शोभा पाती है
अ से अनार से शुरू करके ज्ञ से ज्ञानी हर चीज सिखाती है
हिंदी मेरे भारत माता की बिंदी जो हर जगह शोभा पाती है
हिंदी में हम पढ़ते कभी उपमा तो कभी अलंकार
हिंदी से ही सुशोभित होता भाषा संसार
हिंदी में हम कभी पढ़ते कविता
तो कभी पढ़ते समाचार
हिंदी में होता है सुमधुर व्यवहार
हिंदी सही सुशोभित होता भाषा संसार
हिंदी में ही संस्कृति और हिंदी में ही संस्कार
हिंदी में समाया होता है
मिठास और प्यार
हिंदी मेरे भारत माता की बिंदी
मेरे भारत माता की उस बिंदी से प्यार है मुझे
मैं गर्व से कहती हूं कि हिंदूस्तानी हूं मैं और हिंदी से प्यार है मुझे

स्वरचित- बबीता पटेल

(रायगढ़ ) छत्तीसगढ़

ई-मेल- [email protected]

S.N.कविता
1.धरती को बचाना होगा
2.मुझे मेरे देश से प्यार है
3. साइंस का महाकुंभ कविता
4.आजादी के 77 साल
5.बेटी है तो कल है
6.जीवन का जीवन

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!